कम्प्यूटर क्या है ? What is computer in hindi

कम्प्यूटर क्या है ? What is computer in hindi :: कंप्यूटर हमारे जीवन के महत्वपूर्ण साधनों में से एक है। यह आजकल हमारे जीवन के प्रत्येक कार्य को सड़क बना दिया हैं। इसका उपयोग हर क्षेत्र में कर रहे है। जैसे – चिकित्सा , बैंक , रेलवे , सुरक्षा आदि। आज Hindivaani कंप्यूटर से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी आपको उपलब्ध कराएंगे। इस आर्टिकल के अंतर्गत आपको कम्प्यूटर क्या है ? या कम्प्यूटर किसे कहते है? ,कम्प्यूटर के प्रकार , कम्प्यूटर की विशेषताएं ,कम्प्यूटर के उपयोग , कम्प्यूटर के अनुप्रयोग , कम्प्यूटर के अंग , कम्प्यूटर का वर्गीकरण , कम्प्यूटर की परिभाषा, कम्प्यूटर के जनक कौन हैं ? आदि की जानकारी आपको प्रदान की जॉयेगी। तो आइए शुरू करते है और जानते है कि कंप्यूटर किसे कहते है।

कम्प्यूटर क्या है ? What is computer in hindi

कम्प्यूटर क्या है ? What is computer in hindi
कम्प्यूटर क्या है ? What is computer in hindi

कम्प्यूटर क्या है ? ( What is computer )

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक युक्ति हैं। कंप्यूटर शब्द की उत्तपत्ति कंप्यूट शब्द से हुई हैं। कंप्यूटर का अर्थ होता हैं – गणना करने वाला यंत्र । सर्वप्रथम कंप्यूटर का आविष्कार गणना करने वाले कार्यों के लिए किया गया था। परंतु वर्तमान समय में एक कार्य क्षेत्र में अधिक वृद्धि हुई है।और आजकल विभिन्न कार्य क्षेत्रों में इसका कार्य क्षेत्रों में इसका उपयोग किया जाता है।कंप्यूटर को हिंदी में संगणक के नाम से जाना जाता है।

कम्प्यूटर की परिभाषा ( Definition of computer )

कम्प्यूटर की परिभाषा निम्नलिखित हैं।

“कम्प्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक एवं यांत्रिक भागों से मिलकर बनी मशीनी या युक्ति है।जो प्रयोगकर्ता से डाटा ग्रहण करके प्रयोगकर्ता की इच्छा अनुसार उस पर विभिन्न क्रियाएं करती है।एवं इसके प्राप्त परिणामों को व्यवस्थित रूप से प्रयोगकर्ता को देती है।”

कम्प्यूटर का फुल फॉर्म क्या है ? (Full form of computer )

कम्प्यूटर शब्द अंग्रेजी के 8 अक्षरों से मिलकर के बना हुआ है जिनमें से प्रत्येक अक्षर के अर्थ अलग-अलग हैं जो इसके अर्थ को और अधिक व्यापक बना देते हैं।

CCommonlyकॉमनली
Ooperatedऑपरेटेड
MMachineमशीन
PParticularlyपार्टिकुलरली
UUsed forयूस्ड फ़ॉर
TTechnicalटेक्निकली
EEducation andएडुकेशन एन्ड
RReserchरिसर्च

कम्प्यूटर के जनक कौन हैं ? ( Who is the father of computer in hindi )

कंप्यूटर के जनक चार्ल्स बैबेज को कहा जाता है। चार्ल्स बैबेज का जन्म 26 नवंबर 1791 ईस्वी में हुआ था। यह एक ब्रिटिश गणितज्ञ थे।चार्ल्स बैबेज ने सर्वप्रथम एनालिटिकल इंजन की का आविष्कार किया।और यह समय 1833 ई का था।इस मशीन के मुख्य विशेषता यह थी इसके 5 मुख्य भाग थे। इनपुट इकाई ,स्टोर ,मिल, कंट्रोल आउटपुट इकाई।इस मशीन को आधुनिक कंप्यूटरों का शुरुआती प्रारूप माना जाता है।यह एक मैकेनिकल मशीन थी।और इस मशीन का प्रयोग सभी गणितीय क्रियाओं को करने में किया जाता था।

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कम्प्यूटर सिस्टम के अंग ( Parts of computer system )

कंप्यूटर के एक सिस्टम में मुख्य रूप से 5 अंग होते होते अंग होते होते से 5 अंग होते होते हैं।

  1. कम्प्यूटर डाटा।
  2. कम्प्यूटर हार्डवेयर।
  3. कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर।
  4. कम्प्यूटर के व्यक्ति।
  5. गाइडलाइंस एवं विधियां विधियां।

कम्प्यूटर की विशेषताएं –

कम्प्यूटर की मुख्य रूप से निम्नलिखित विशेषताएं हैं। जो अग्रलिखित है।

गति (Speed ) – कंप्यूटर की सबसे अधिक विशेषता गति मानी जाती है वास्तव में कंप्यूटर का निर्माण तेज गति से घृणा से घृणा करने वाली मशीन के रूप में किया गया था।कंप्यूटर एक सेकंड में बहुत सारी गणनाएं कर सकता हैं।

भंडारण ( Storage ) – कंप्यूटर के अंदर सूचनाओं का बहुत अधिक भंडारण किया जा सकता है।इसमें आंकड़ों एवं प्रोग्रामों प्रोग्रामों प्रोग्रामों के भंडारण की क्षमता होती है।कंप्यूटर में हार्ड डिक्स cd-rom आदमी डाटा और सूचनाओं का संग्रहण किया जाता है जिसको हम प्रायः इस्तेमाल कर सकते हैं।

त्रुटिहिनता ( Accuracy ) – कंप्यूटर द्वारा किए गए कार्यों में त्रुटि हीनता बहुत ही कम मानी जाती हैं। यह कठिन से कठिन प्रश्न को बिना त्रुटि के के हल कर सकता है ।गणना के द्वारा यदि कोई त्रुटि पाई जाती है।तो वह प्रोग्राम में डाटा की मानवीय मानवीय त्रुटियों के कारण होता है।

स्वचालन ( Automation ) – कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन के रूप में कार्य करता है। जिसने गणना के दौरान मानवीय हस्तक्षेप नगर में रहता है।हालांकि कंप्यूटर को कार्य करने के लिए मनुष्य द्वारा निर्देश अवश्य दिए जाते हैं। और इसमें त्रुटियों के कम आसार रहते हैं।

कम्प्यूटर की सीमाएं ( Limitations of the computer )

कम्प्यूटर की सीमाएं निम्नलिखित हैं।

बुद्धिहीन – कंप्यूटर सामान्यता एक मशीन है।जिसमें स्वयं सोचने की क्षमता नहीं होती हैकंप्यूटर केवल हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर ही कार्य करता है करता है।

विधुत पर निर्भर – जैसा कि हमें पता है कि कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। जिसके लिए कंप्यूटर को चलाने हेतु विद्युत की हमेशा आवश्यकता होती है।विद्युत के अभाव के कारण कंप्यूटर एक डिब्बे के कारण कंप्यूटर एक डिब्बे की भांति ही होता है।

वायरस का प्रभाव ( Effects from virus ) – कोई भी वायरस कंप्यूटर की कार्य क्षमता को बहुत अधिक रूप से प्रभावित करता है।वह कंप्यूटर में उपस्थित सूचना निर्दोषों को नष्ट कर सकता है।अतः कंप्यूटर को वायरस रोधी सॉफ्टवेयर के द्वारा वायरस से बचाया जा सकता है।

व्ययसाध्य माध्यम ( Expensive ) – शुरुआत के समय में कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर बहुत अधिक महंगे हुआ करते थे।परंतु जैसे-जैसे कंप्यूटर का विकास हुआ।वैसे वैसे इनकी दरों में काफी कमी आई है।

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कम्प्यूटर की पीढियां ( Generations of computer ) –

आधुनिक कंप्यूटरों के विकास के इतिहास को तकनीकी विकास के आधार पर कई भागों में विभाजित किया गया है। जिन्हें हम कंप्यूटर की पीढ़ियां के नाम से जानते हैं। जो कि निम्नलिखित हैं।

प्रथम पीढ़ी – कम्प्यूटर की प्रथम पीढ़ी 1940 से 1956 ई के बीच थी। इसकी स्विचिंग युक्ति वैक्यूम वैक्यूम ट्यूब थी।और स्टोरेज युक्त मैग्नेटिक ड्रम थी।साथ ही साथ इसकी गति 333 माइक्रोसेकंड थी।और इसका ऑपरेटिंग सिस्टम बैच ऑपरेटिंग सिस्टम था।इस कंप्यूटर की भाषा मशीनी भाषा थी।और इसकी विशेषताएं में सीमित मुख्य भण्डारण क्षमता थी। और इसका उपयोग मुख्यत वैज्ञानिक स्तर पर होता था। बाद में सामान्य रूप से व्यापार सिस्टम में भी उपयोग होने लगा।

द्वितीय पीढ़ी – कंप्यूटर की द्वितीय पीढ़ी 1956 से 1963 ई के बीच थी।इसकी स्विचिंग युक्ति ट्रांजिस्टर थी और स्टोरेज युक्त मैग्नेटिक कोर टेक्नोलॉजी थी।इस कंप्यूटर की गति 10 माइक्रोसेकंड थी। इसका ऑपरेटिंग सिस्टम मल्टी बैग रीमेनिंग, टाइम शेयरिंग थ।इसकी भाषा असेंबली भाषा एवं उच्च स्तरीय थी। इसकी विशेषताएं में ट्रांजिस्टर का उपयोग आरंभ हो गया था।आकार और ताप में कमी आई थी। तीव्र और विश्वसनीय हो गया था। इसका उपयोग व्यवसायिक रूप से किया जाने लगा था। इंजीनियरिंग डिजाइन में भी इसका उपयोग होता था।

तृतीय पीढ़ी – कंप्यूटर की तृतीय पीढ़ी 1964 से 1971 के बीच थी।इसकी स्विचिंग युक्ति इंटीग्रेटेड सर्किट थी।और स्टोरेज युक्त मैग्नेटिक कोर थी। इसकी गति 10 नैनो सेकंड हुई और इसका ऑपरेटिंग सिस्टम वास्तविक समय एवं टाइमशेयरिंग था। इसकी भाषा फोर ट्रोन और कोबोल थी थी। इसकी विशेषताएं में चुम्बकीय कोर और सॉलिड स्टेट मुख्य भंडारण के रूप में उपयोग होने लगा।और साथ ही साथ रिमोट प्रोसेसिंग भी यह था था। इसका उपयोग डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, ऑनलाइन सिस्टम ,रिजर्वेशन सिस्टम आदमी किया जाने लगा।

चतुर्थ पीढ़ी – कंप्यूटर की चतुर्थ पीढ़ी 1971 से वर्तमान समय तक है।इसकी स्विचिंग युक्ति बड़े पैमाने पर इंटीग्रेटेड सर्किट और माइक्रोप्रोसेसर थी। और स्टोरेज मुक्ति सेमीकंडक्टर मेमोरी विनचेस्टर डिस्क थी। कंप्यूटर की गति 309 सेकंड थी और इसका ऑपरेटिंग सिस्टम टाइम शेयरिंग नेटवर्क नेटवर्क शेयरिंग नेटवर्क नेटवर्क शेयरिंग नेटवर्क नेटवर्क था और इसकी भाषा फोर ट्रोन 77 ,पास्कल एडीए कोबोल – 74 थी। इसकी विशेषता में बात की जाए तो इस समय मिनी कंप्यूटर के उपयोग में वृद्धि होने लगी थी। इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर , व्यवसायिक उत्पादन और व्यक्तिगत उपयोग में होने लगा था।

पंचम पीढ़ी – कंप्यूटर की पंचम पीढ़ी वर्तमान समय से आगे तक हैं। इसकी स्टोरेज युक्ति ऑप्टिकल डिस्क थी। इसका ऑपरेटिंग सिस्टम नॉलेज इन्फॉर्मेशन प्रोसेसिंग सिस्टम था। इसका उपयोग इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट नेचुरल लैंग्वेज आदि में होने लगा।

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कंप्यूटर के प्रकार –

कंप्यूटर की रूपरेखा कामकाज उद्देश्य और प्रयोजनों उद्देश्य और प्रयोजनों कामकाज उद्देश्य और प्रयोजनों के आधार पर कई भागों में विभाजित किया गया है।जो कि निम्नलिखित है निम्नलिखित है।

  • आकार के आधार पर
  • उद्देश्य के आधार पर
  • अनुप्रयोग के आधार पर

आकार के आधार पर – आकार के आधार पर कंप्यूटर को चार भागों में विभाजित किया गया है।जो कि निम्नलिखित हैं।

  1. माइक्रो कंप्यूटर।
  2. मिनी कंप्यूटर।
  3. मेनफ्रेम कंप्यूटर।
  4. सुपर कंप्यूटर।

उद्देश्य के आधार पर – उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर को दो भागों में विभाजित किया गया है।जो कि निम्नलिखित हैं निम्नलिखित हैं।

  1. सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर
  2. विशिष्ट उद्देश्य कंप्यूटर

अनुप्रयोग के आधार पर – अनुप्रयोग के आधार पर कंप्यूटर को तीन भागों भागों में विभाजित किया गया है।जो कि निम्नलिखित हैं निम्नलिखित हैं।

  1. एनालॉग कंप्यूटर।
  2. डिजिटल कंप्यूटर।
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर।

कंप्यूटर की भाषाएं –

कार्य और संरचना के आधार पर कंप्यूटर भाषा को निम्नलिखित रूप में विभाजित किया गया है।

  1. मशीनी भाषा।
  2. असेंबली स्तर भाषा ।
  3. उच्च स्तरीय भाषा।
  4. कम्प्लीयर एवं इंटरप्रेटर ।
  5. ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर।

कंप्यूटर के सामान्य अनुप्रयोग –

आधुनिक युग में शायद ही कोई ऐसा क्षेत्रों का जहां पर कंप्यूटर का उपयोग जहां पर कंप्यूटर का उपयोग ना होता हो।कुछ मुख्य क्षेत्र हैं जिनमें कंप्यूटर के अनुप्रयोग निम्नलिखित है।

शिक्षा – इंटरनेट के माध्यम से हम किसी भी विषय की जानकारी कुछ ही क्षणों से प्राप्त कर सकते हैं। मल्टीमीडिया के विकास और इंटरनेट की सुलभता ने कंप्यूटर को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बना दिया है।

बैंक – बैंकिंग क्षेत्र में तो कंप्यूटर के अनुप्रयोग में क्रांति लाती है।आज बैंकों के अधिकांश कार्य जैसे – ऑनलाइन बैंकिंग, एटीएम द्वारा पैसे निकालना, चेक का भुगतान करना आदि कार्य कंप्यूटर के द्वारा बहुत ही सरल हो गए हैं।

चिकित्सा – चिकित्सा के क्षेत्र में कंप्यूटर का अनुप्रयोग विभिन्न शारीरिक रोगों का पता लगाने के लिए किया जाता है ।रोगों का विश्लेषण तथा निदान भी कंप्यूटर द्वारा संभव हो गया है।आधुनिक युग में एक्सरे, सीटी स्कैन ,अल्ट्रासाउंड इत्यादि विभिन्न जांचों में में कंप्यूटर का प्रयोग विस्तृत रूप से किया जाता है।

सुरक्षा – बिना कंप्यूटर के हमारी सुरक्षा व्यवस्था भी लोगों कमजोर कमजोर हो जाती है। एयरक्राफ्ट को ट्रैक करने हवाई हमले आदि में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है।

आशा हैं कि हमारे द्वारा दी गयी कंप्यूटर क्या है ? What is computer in hindi की जानकारी आपको पसन्द आयी हिगी। यदि कंप्यूटर क्या है ? What is computer in hindi आपको पसन्द आयी हो तो इसे अपने दोस्तों से जरूर शेयर करे , धन्यवाद।

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