थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत Tharndike Theory of Learning in hindi

थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत ( Tharndikes’s Theory of Learning in hindi) :: थार्नडाइक ने विभिन्न प्रकार के प्रयोग किये। जिनमें से थार्नडाइक का बिल्ली के प्रयोग काफी प्रचलित हैं। आज hindivaani आपको थार्नडाइक का सीखने के सिद्धांत की जानकारी प्रदान करेगा। जिसके अंतर्गत आपको थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत का अर्थ, थार्नडाइक का बिल्ली का प्रयोग, थार्नडाइक के सिद्धांत का शिक्षा में महत्व, थार्नडाइक के सिद्धांत की आलोचना आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।

थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत ( Tharndike Theory of Learning in hindi)

थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत ( Tharndike Theory of Learning in hindi)
thorndike theory of learning in hindi pdf, thorndike ke sabhi siddhant, problem ka siddhant,thorndike ka prayog in hindi, प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, S-R Theory in Hindi, थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत, थार्नडाइक का प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, थार्नडाइक का बिल्ली पर प्रयोग,थार्नडाइक का सम्बन्धवाद का सिद्धांत,Tharndike ka sikhne ka sidhant

थार्नडाइक के सीखने का सिद्धांत का अर्थ

थार्नडाइक ने अपने प्रयोगों द्वारा यह बताया कि यदि कोई भी किसी कार्य को करता हैं। तो उसके समक्ष एक विशेष प्रकार की स्तिथि या उद्दीपक होता हैं। वह उद्दीपक किसी विशेष प्रकार की प्रतिक्रिया करने के लिए हमे प्रेरित करता हैं। ऐसे में एक विशिष्ट उद्दीपक का विशिष्ट प्रतिक्रिया से सम्बन्ध स्थापित हो जाता हैं। जिसे S-R bond द्वारा व्यक्त किया जाता हैं। इसके सम्बद्ध के पश्चात यदि कोई व्यक्ति किसी उद्दीपक का अनुभव करता हैं। तो उससे सम्बन्धित विशेष प्रकार की प्रतिक्रिया या व्यवहार करता हैं।

यदि आप अपने जीवन मे सफल होना चाहते है। तो यह पुस्तके जरूर पढ़ें – Top 21 motivational book in hindi

READ MORE ::  अभिवृद्धि और विकास में अंतर |Difference between growth and development

थार्नडाइक का सम्बन्धवादी सिद्धांत ( Tharndikes’s Theory of Learning)

थार्नडाइक के सम्बन्धवादी सिद्धांत को अन्य नाम से भी जाना जाता हैं। जो निम्नलिखित हैं।

  1. थार्नडाइक का सम्बन्धवाद ( Thorndike’s connectionism)
  2. सम्बन्धवाद का सिद्धान्त( connectionist theory)
  3. उद्दीपन प्रतिक्रिया सिद्धान्त( stimulus – responce (S-R) theory
  4. सीखने का सम्बंध सिद्धान्त(bond theory of learning)
  5. प्रयत्न और भूल का सिद्धांत(trial and error learning)

थार्नडाइक के सीखने का सिद्धांत का प्रयोग ( Experiment of thorndike)

थार्नडाइक प्रयास एवम त्रुटि के सिद्धांत के जनक ने विभिन्न प्रकार के प्रयोग किये। उनमे से एक भूखी बिल्ली को पिजड़े में बंद करने का प्रयोग भी काफी प्रचलित हैं। इस प्रयोग में एक भूखी बिल्ली हैं। जो पिजड़े में बंद है। पिजड़े के बाहर एक मछली का टुकड़ा रखा हुआ हैं। उस मछली के टुकड़े को प्राप्त करने के लिए मछली अनेक प्रकार के प्रयास करती हैं। अंत मे बिल्ली पिजड़े को खोलकर मछली के टुकड़े को पाने में सफल हो जाता हैं।

इस सिद्धान्त के अंतर्गत हमारे द्वारा की जाने वाली अंडक क्रोयाये सम्बन्धित हैं। जैसे – बालक का चलना सीखना, जूते पहनना, चम्मच से खाना, आदि क्रियाएं हैं। बड़े होने पर वही बालक धीरे धीरे गाड़ी चलाना, क्रिकेट खेलना आदि चीजे सीखता हैं।

READ MORE ::  Meaning and definition of education in hindi, शिक्षा का अर्थ और परिभाषा

थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत के महत्वपूर्ण तथ्य

थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत के महत्वपूर्ण तथ्य निम्नलिखित हैं।

  1. प्रारंभ में अनेकों लक्ष्यहीन क्रियाओं को करना ।
  2. प्रेरणा द्वारा प्रयत्नों में तेजी लाना ।
  3. आकस्मिक सफलता प्राप्त करना ।
  4. अभ्यास का प्रभाव ।
  5. संवेदना और प्रतिचार में संबंध का ज्ञान।
  6. सही प्रतिचारों का चुनाव करना ।
  7. गलत प्रतिचारों को भूलना।

थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत का शिक्षा में महत्व (educatinal implication of this theory)

थार्नडाइक के सीखने के सिद्धांत का शिक्षा में महत्व निम्नलिखित हैं।

छात्र प्रोत्साहन – इस सिद्धान्त से यह पता चलता हैं कि बालक को किसी कार्य को सीखने के लिए प्रेरणा, लक्ष्य, उद्देश्य का होना आवश्यक हैं। अतः प्रयास एवम त्रुटि द्वारा कि छात्र प्रोत्साहित होते है।

अभ्यास पर बल – यह सिद्धांत छात्रों को अभ्यास पर बल देने के लिए प्रेरित करता हैं।

समस्या समाधान – बालको को अनेक प्रकार की समस्यायों का सामना करना पड़ता हैं। परंतु हम यह देखते हैं। हर एक जगह पर शिक्षक की उपलब्धता नही होती हैं। इस वजह से वह अपने प्रयत्नों के द्वारा ही अपनी समस्या का समाधान ढूढता हैं।

चिंन्तन शक्ति का विकास – इस सिद्धान्त के द्वारा बच्चो का मस्तिष्क हमेशा चलता रहता हैं। और चिंन्तन के द्वारा ही वह अनेक प्रकार के ज्ञान को प्राप्त करता हैं।

READ MORE ::  जीवन कौशल क्या है , what is life skills in hindi

थार्नडाइक के सिद्धांत की आलोचना (Criticism of tharndike theory )

थार्नडाइक के सिद्धांत की आलोचना निम्नलिखित हैं।

1.इस सिद्धान्त में कहा गया हैं। की सीखने की गति धीमी धीमी होती हैं। परंतु जो सफलता प्राप्त होती हैं। वह अचानक से प्राप्त होती हैं।

2.प्रयत्न और भूल द्वारा दिखने में काफी समय लगता हैं।इससे शक्ति और समय दोनों काफी नष्ट होते है।

3.इस सिद्धान्त में रटने पर अधिक बल दिया गया हैं।

4.थार्नडाइक ने सीखने की प्रक्रिया में दंड व पुरस्कार दोनों पर बल दिया।विशेषकर पुरस्कार व सीखने में दंड का भी अपना एक विशेष महत्व है।

आशा हैं हमारे द्वारा बताया गया थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत आपको काफी पसंद आया होगा। यदि यह जानकारी आपको पसन्द आयी हो।तो इसे अपने दोस्तों से जरूर शेयर करे।

Tages – thorndike theory of learning in hindi pdf, thorndike ke sabhi siddhant, problem ka siddhant,thorndike ka prayog in hindi, प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, S-R Theory in Hindi, थार्नडाइक का सीखने का सिद्धांत, थार्नडाइक का प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत, थार्नडाइक का बिल्ली पर प्रयोग,थार्नडाइक का सम्बन्धवाद का सिद्धांत,Tharndike ka sikhne ka sidhant

Leave a Comment