Speech on child labour in hindi for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण

Speech on child labour in hindi for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण :: बाल श्रम समाज के लिए एक अभिशाप हैं। जो कोमल हाथों वाले बच्चों का भविष्य खत्म कर देता हैं। आज हिंदीवानी आप सभी के लिए बाल श्रम पर बेहतरीन भाषण लेकर आया हैं। इस प्रकार यदि आपके विद्यालय या कॉलेज में कभी आपको Speech on child labour in hindi for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण आपको देनी पड़े। तो बहुत ही ज्यादा आसानी होगी। तो आइए शुरू करते है- child labour speech in hindi

Speech on child labour in hindi for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण

Speech on child labour in hindi  for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण
Speech on child labour in hindi for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण

आज के वर्तमान समय मे एक महत्वपूर्ण टॉपिक हैं बाल श्रम । जिसे हम सभी को बहुत ही गहनता से समाज का मुद्दा मानना चाहिए। क्योंकि मासूम बच्चों से मजदूरी करवाना बहुत ही बड़ा गुनाह हैं। बालश्रम के बारे में ही सबसे पहले मैं आप सबको बताना चाहूंगा कि ऐसी निर्धारित आयु जिसके नीचे के बच्चे भी मजदूरी कर रहे हो। वह बालश्रम की श्रेणी में आते है। यह समाज का नाकामी का एक प्रतीक हैं। समाज चाहे जितना आगे बढ़ जाये। परन्तु बच्चों के कंधो पर किताबो की जगह काम का बोझ हो तो यह हमारे लिए शर्म की बात हैं। बाल श्रम एक ऐसी चीज हैं। जिससे परिवार को आय स्रोतों का केवल एक छोटा सा भाग ही प्राप्त होता हैं। फिर भी गरीब परिवार छोटे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।

इन सबके पीछे सरकार की नीतियों में कुछ कमियां और समाज के विचारों में जागरूकता ना होना है। हम देखते हैं। कि बाल श्रम को रोकने से हालत यह होते है कि कुछ परिवार भुखमरी की भी कागार में आ जाते है। अभी हम देखे तो बांग्लादेश के वस्त्र उधोग काफी हद तक बल श्रमिको पर टिका हुआ था । परन्तु जब से अमेरिका के द्वारा बाल श्रम कानून लगा दिया गया। तो बांग्लादेश में बहुत से बाल श्रमिको को कार्यो से निकाल दिया गया। हालात यह हुवे के अधिकतर परिवार भुखमरी की स्तिथि में आ गए। इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए देखे तो अभी भी इस क्षेत्र में बहुत से कार्य करने बाकी हैं। और बहुत सी ऐसी योजनाए चाहिए । जिनके माध्यम से बाल श्रम में कमी लायी जा सके।

भारत मे भी बालश्रमिक के आंकड़े बहुत ही ज्यादा डरवाने हैं। वर्ष 2001 की जनगणना यह बताती हैं कि भारत मे बाल श्रमिकों की संख्या 1.3 करोड़ थी। और यहां पर ज्यादा तर बाल श्रमिक गावो से आते थे। हम देखते हैं। ज्यादतर फैक्ट्री में और होटलों में बच्चे काम करते हुए मिल जाते है। जो भठ्ठी के बहुत अधिक तापमान पर भी काम करते है।और वह विभिन्न प्रकार के रासायनिको के संपर्क में आते है। जिस वजह से कई बार भयंकर बीमारियां भी उन्हें हो जाती हैं। भारत मे बालश्रम का मुख्य कारण अशिक्षा , निर्धनता और बेरोजगारी हैं। यहां पर हम देखते हैं कि 40% लोग गरीबी की मार झेल रहे है। ऐसी स्तिथि में परिवार घर मे कुछ मदद हेतु बच्चों को भी काम करने को मजबूर करते हैं। क्योंकि इन्ही सब छोटे छोटे पैसों के साधन से ही उनके घर चलते है। छोटे बच्चे के कमाई के बिना उनका जीवन चलना मुश्किल हो जाता हैं।

भारत सरकार ने इन सबको रोकने हेतु बालश्रम अधिनियम 1886 को लागू किया हैं। परन्तु इन सब अभिसापो से समाज को दूर करने के लिए आपको भी आगे आना पड़ेगा। आपको यह जिम्मेदारी का निर्वहन बहुत ही अच्छे से करना होगा। हम यह सोचे कि समाज की कुरीतियों को समाप्त करने का दायित्व सिर्फ सरकार को है।तो यह बिल्कुल ही गलत है सब समाज की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को सिर्फ सजा के माध्यम से ही नहीं सुधारा जा सकता है।यह सोचना एक असंभव की भांति है।

हमारे घरों में ,ढाबो होटलों में अनेक बालश्रमिक मिल जाएंगे। जो कड़ाके की ठंड या तपती धूप की परवाह किए बगैर काम करते हैं। सभ्य समाज मे यह अभिशाप आज भी क्यों बरकरार है ?क्यों तथाकथित सभ्य सुशिक्षित परिवारों में नौकरों के रूप में छोटे बच्चों को पसंद किया जाता है? हमें इन सब प्रश्नों के उत्तर स्वयं से पूछने चाहिए? जिस दिन हमें इन प्रश्नों के उत्तर स्वयं से मिल जाएंगे उस दिन शायद समाज से या अभिशाप भी दूर हो जाएगा!
धन्यवाद।

आशा हैं की हमारे द्वारा दी गयी Speech on child labour in hindi for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण की जानकारी आपको बहुत पसन्द आयी होगी। यदि Speech on child labour in hindi for 2 minutes ,बाल श्रम पर भाषण आपको पसन्द आयी हो तो इसे अपने दोस्तो से जरूर शेयर करे।

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