Hindi short story with moral for kids , दुष्ट बिल्ली की कहानी

Hindi short story with moral for kids , दुष्ट बिल्ली की कहानी :: कहानियों के क्रम में हमने आपको अभी तक बहुत सी कहानियां उपलब्ध कराई हैं। जो आपको कई प्रकार की सीख प्रदान करती हैं। इन कहानियों का आप प्रयोग प्रेरक प्रसंग ,नीतिपरख कहानियों , प्रेरणादायक कहानियों आप का अपने स्कूल , कॉलेज आदि में स्पीच के वक्त कर सकते है। जिससे आप इन कहानियों को सुना कर लोगो को बहुत अधिक प्रभावित कर सकते है।

आज इसी कहानी के क्रम में hindivaani आपके लिए लेकर आये है। एक दुष्ट बिल्ली की कहानी। यह कहानी आपको एक सीख प्रदान करेगी । जिस सीख का उपयोग आप दैनिक जीवन मे कभी भी कर सकते है। तो आइए शुरू करते है। और पढ़ते हैं। दुष्ट बिल्ली की कहानी – Hindi short story with moral for kids

Hindi short story with moral for kids , दुष्ट बिल्ली की कहानी ::

Hindi short story with moral for kids

एक बार की बात है कि एक जंगल था । जंगल मे कई प्रकार के जानवर और पक्षी रहते है। उनमें से एक गौरैया थी। कुछ समय पहले ही उसका घोंसला किसी ने खराब कर दिया था। जिसकी वजह से वह कहि और पर घोसले बनाने के लिए जगह को तलाश रही थी। कुछ समय पश्चात उसे एक वृक्ष मिला जिसमे वह अपने घोंसले का निर्माण कर सकती थी।

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उसने बड़ी मसक्कत करके उस वृक्ष में अपने घोसले का निर्माण किया। और वह अच्छे ढंग से उस घोसले में रहने लगी। और कुछ समय बाद कुछ कारण वश उसे उस घोसले को छोड़ कर कुछ दिनों के लिए कहि और जाना पड़ा।

अब उस गौरेया द्वारा बनाये गए घर पर और भी कई लोगो की नजर थी। उन्ही जानवरो और पक्षियों में से एक खरगोश ने इस अवसर का फायदा उठाया। और वह उस वृक्ष में बनाये गए घोसले में रहने लगा।

अब कुछ समय बाद गौरेया पुनः उस घोसले प्रगति हैं। और वह देखती हैं। कि उसके द्वारा बनाये गए घोसले पर अब कोई और रह रहा हैं। गौरेया ने बहुत विनम्र निवेदन करते हुए खरगोश से कहा कि आप मेरे द्वारा बनाये गए घोसले को छोड़ दे। परन्तु खरगोश इस बात हेतु राजी नही हुवा।

अब गौरेया और खरगोश में बहस होने लगी। और फिर दोनों एक रजामंदी में पहुचे की हम जंगल के किसी बिचौलियों को ढूंढेगे। और वह हमारी समस्या का समाधान करके हमारी बातों को सुनकर किसी निष्कर्ष को निकलेंगा।

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इन दोनों खरगोश और गौरैया की बात को एक दुष्ट बिल्ली सुन रही थी। उसने खरगोश और गौरैया को कहा कि मैं आप दोनों के बीच के इस विवाद को सुन कर समाप्त कर सकती हूं। आप दोनों लोग अपनी अपनी बातों को मेरे सामने रखे। इस बात को सुनकर दोनो सहमत हुए।

अब दोनों लोग बिल्ली को अपनी बात बताने लगे। परन्तु बिल्ली ने खरगोश और गौरैया को कहा कि मैं बूढ़ी हो चुकी हूं। आप लोग मेरे पास कानमे आकर दोनो लोग बातों को बोले ताकि मैं अच्छे से आप दोनों लोगो की बात को सुन सके।

अब खरगोश और गौरिया दोनो बिल्ली की तरह अपनी बात को रखने के लिए बढे। और जैसे ही बिल्ली की तरह खरगोश और गौरैया आते है।दुष्ट बिल्ली उन दोनों को पकड़ कर खा जाती हैं।

Hindi short story with moral for kids

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फाइनल वर्ड-

इस प्रेणादायक कहानी के माध्यम से हमे यह शिक्षा मिलती हैं। कि यदि हम अपने लोग आपस मे ही किसी विषय को लेकर लड़ाई कर रहे है। तो यह विशेष रूप से ध्यान रखे कि हमारी दो लोगो की लड़ाई के बीच का फायदा कोई दूसरा व्यक्ति ना उठा सके। जिस प्रकार से इस कहानी एक दुष्ट बिल्ली , खरगोश और गौरेया के बीच की लड़ाई का फायदा उठा कर उन्हें अपना भोजन बना लेती हैं।

और यदि आपके पास भी ऐसी ही कोई रोचक और प्रेरणादायक कहानी हो। तो हमे ईमेल के माध्यम से जरूर भेजे हम आपके नाम के साथ उस कहानी कोअपनी साइट में प्रकाशित करेंगे। जिसके माध्यम से आप अपने ज्ञान और कौशल को कई लोगो के मध्य पहुँचा सकते है। धन्यवाद

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