Essay on population problem in hindi,जनसंख्या वृद्धि

जनसंख्या वृद्धि पर निबन्ध हिंदी में,Essay on population problem in hindi ::  जैसा कि आप सब लोगो को ज्ञात ही होगा। आज के वर्तमान समय मे जनसंख्या का बढ़ना एक विकेट समस्या हैं। इसी के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु अक्सर हम सभी को स्कूल और कॉलेज ने जनसंख्या वृद्धि पर निबन्ध लिखने को मिलता हैं। आज hindivaani आपको जनसंख्या वृद्धि पर हिंदी निबन्ध आपको उपलब्ध कराएगी। उस अर्टिकल के अंतर्गत आपको जनसंख्या वृद्धि के कारण, जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम ,जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपाय आदि की जानकारी प्रदान की जॉयेगी। तो आइए शुरू करते है पढ़ना – Essay on population problem in hindi.

जनसंख्या वृद्धि पर निबन्ध हिंदी में,Essay on population problem in hindi

जनसंख्या वृद्धि पर निबन्ध हिंदी में,Essay on population problem in hindi
जनसंख्या वृद्धि पर निबन्ध हिंदी में,Essay on population problem in hindi

प्रस्तावना

जनसंख्या किसी भी राज्य के लिए उससे अधिक नहीं होनी चाहिए जितने की उस राज्य के पास साधन संपन्नता हो। दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि जनसंख्या किसी भी देश के लिए वरदान होती है। परंतु यह जब उस अधिकतम सीमा से अधिक होने लगती है। तो वह उसी राज्य के लिए अभिशाप भी हो जाती है ।वर्तमान समय में यदि हम देखें तो भारत जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान रखता है।हमारे यहां ज्यादातर जनसंख्या विस्फोट की समस्या है। हमारे यहां जनसंख्या वृद्धि का अनुमान किस बात से लगाया जा सकता है।कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के समय हमारी जनसंख्या 36 करोड़ थी।और 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121 करोड़ से अधिक हो गई थी।एक आंकड़े यह बताते हैं कि विश्व की लगभग 15% जनसंख्या भारत में निवास करती है।जबकि भूभाग की दृष्टि से भारत का क्षेत्रफल विश्व के कुल क्षेत्रफल का 2.5% है।जनसंख्या वृद्धि हमारे लिए बहुत ही चिंताजनक विषय है।

READ MORE ::  Essay on teachers day in hindi,शिक्षक दिवस पर निबन्ध हिंदी में,

उपयोगी लिंक – एड्स पर निबन्ध हिंदी में

जनसंख्या वृद्धि के कारण – 

भारत में जनसंख्या वृद्धि के बहुत कारण है परंतु मुख्य कारणों की बात की जाए।तो जैसे जन्म एवं मृत्यु दर में असंतुलन ,कम उम्र में विवाह होना ,धार्मिक दृष्टिकोण निर्धनता ,मनोरंजन के साधनों में कमी ,संयुक्त परिवार अत्यधिक निरक्षरता आदि उल्लेखनीय कारण है। हम यह देखते हैं कि गरीबों द्वारा अधिक बच्चे पैदा किए जाते हैं।इस प्रकार से देखा जाए तो गरीब एवं जनसंख्या के बीच आंतरिक संबंध है। गरीबी और निर्धनता जनसंख्या वृद्धि का प्रमुख कारण है और प्रभाव भी।गरीब परिवार में अधिक बच्चे पैदा होने के पश्चात बढ़ती हुई आवश्यकताओं से जूझते हुए मां-बाप परेशान होकर उन्हें स्कूल जाने से रोकते हैं।ताकि वे अपने घर के खर्च में मदद कर सके।और फिर अशिक्षित और अज्ञानी बच्चे पिता के जैसे भाग्य के उत्तराधिकारी बन जाते हैं। और पिता की तरह आवश्यकता से अधिक संतान उत्पन्न करते हैं।

जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव –

जनसंख्या वृद्धि का सीधा प्रभाव व्यक्ति के जीवन स्तर पर पड़ता है।यही कारण है कि स्वतंत्र प्राप्ति के पश्चात भी भारत देश में कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में चमत्कारिक प्रगति होने के पश्चात भी हमारे यहां प्रति व्यक्ति आय बहुत अच्छी नहीं रही है।

READ MORE ::  दीवाली पर हिंदी निबन्ध|diwali essay in hindi

जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपाय – 

भारत में जनसंख्या नियंत्रण करना है तो इसके लिए आवश्यक परिवार नियोजन एवं जनसंख्या हतोत्साहन कि जानकरी लोगो के बीच पहुचानी होगी। इसके अलावा माता-पिता को शिक्षित बनाकर उनके अंदर एक उत्तरदाई माता-पिता की भावना जाग्रत करना होगा। इसके लिए सामाजिक जागृति होना अति आवश्यक हैं। सरकार को कुछ अच्छी नीतियों का संचालन करना चाहिए और सरकार की जनसंख्या नीति का उद्देश्य ना केवल व्यक्तियों की संख्या की अनियंत्रित वृद्धि पर अंकुश लगाना होना चाहिए बल्कि जनसंख्या के अनियंत्रित  प्रसार को रोकना ,शहरी क्षेत्रों में व्यक्तियों के बढ़ते हुए केंद्रीकरण को रोकना और व्यक्तियों के पंचमेल मिश्रण के लिए पर्याप्त आवास स्थान एवं आकर्षक पर्यावरण उपलब्ध कराना भी होना चाहिए।

जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए समाजसेवी संस्थाओं को आगे  आना अति आवश्यक है। आज विभिन्न प्रकार की कुरीतियों जैसे बाल विवाह विवाह आदि जैसे कुरीतियों पर कानून द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया।परंतु आम नागरिकों द्वारा इन कुरीतियों को अब भी बढ़ावा दिया जाता है। अतः समाजसेवी संस्थाओं द्वारा इन कुरूतियो एवं अंधविश्वासों के प्रति जागरूकता लोगों के बीच पैदा करनी चाहिए।जिससे कि वह किसी भी कीमत पर इन सब को बढ़ावा ना दें।जनसंख्या वृद्धि को रोकने हेतु शिक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार अति आवश्यक है।महिलाओं के शिक्षित होने से विवाह की आयु बढ़ाई जा सकती है। प्रजनन आयु वाले दंपतियों को गर्भ गर्भ निरोधक स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने छोटा परिवार सुखी परिवार की बात समझाई जा सकती है।

READ MORE ::  Essay on my favourite festival in hindi , मेरे प्रिय पर्व दीपावली पर निबन्ध

जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम – 

भारत में जल्द की जनसंख्या वृद्धि को रोकना चाहिए।क्योंकि यदि भारत जैसे विकासशील देश में बढ़ती हुई जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया।तो इसका परिणाम यह होगा कि देश में अशिक्षा, गरीबी ,बीमारी, बेरोजगारी ,आवासीयहीनता  जैसे गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाए।और देश का विकास धीरे-धीरे अवरुद्ध हो जाएगा। जनसंख्या को नियंत्रित करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ-साथ देश के प्रत्येक नागरिक को इस विकट समस्या हेतु जागरूक होना चाहिए।

उपसंहार – 

केंद्र एवं राज्य स्तर पर जनसंख्या परिषद का होना अति आवश्यक है।जनसंख्या परिषद क्यों होने से विभिन्न स्थानों पर समन्वय का कार्य किया जा सकेगा। इसके साथ अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं का निर्धारण भी किया जा सकता है।मीडिया को भी आवश्यक है – कि इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले इन सब बातों पर ध्यान देकर जनसंख्या विस्फोट पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

Final word –

आशा हैं कि हमारे द्वारा जो जनसंख्या वृद्धि पर निबन्ध हिंदी में,Essay on population problem in hindi की जानकारी आपको उपलब्ध कराई गई हैं। वह आपके लिए काफी उपयोगी रही होगी। यदि यह आपके लिए उपयोगी रही हो तो इसे हमे कॉमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताएं। साथ ही साथ इसे अपने दोस्तों से भी शेयर करना न भूले धन्यवाद।

Leave a Comment