मेरे परिवार पर निबन्ध , Essay on my family in hindi

मेरे परिवार पर निबन्ध , Essay on my family in hindi :: परिवार हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग हैं। इसकी महत्वा को समझाने हेतु अक्सर हमारे विद्यालय में हमारे प्रिय परिवार पर निबन्ध लिखने को मिलता हैं। इसलिए हिंदीवानी आज आपके लिए मेरे परिवार पर निबन्ध , Essay on my family in hindi लेकर आया हैं। यह एक बेहतरीन निबन्ध होगा। यदि यह निबन्ध आपको पसंद आये तो हमे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं । तो आइए शुरू करते है।

मेरे परिवार पर निबन्ध , Essay on my family in hindi

मेरे परिवार पर निबन्ध , Essay on my family in hindi
मेरे परिवार पर निबन्ध , Essay on my family in hindi

मेरा नाम विक्रम सिंह हैं। और मेरे पिता जी का नाम रवींद्र नाथ सिंह हैं। मेरा एक संयुक्त परिवार हैं। साथ ही साथ मेरा एक मध्यम वर्गीय परिवार हैं।मेरे परिवार में सदस्यों की संख्या 6 हैं। मेरे परिवार में मैं सबसे छोटा हु। और मुझसे बड़ी एक बहन हैं। जो एक आईपीएस अफसर हैं। हम दोनों के अलावा मेरे परिवार में मेरे माता जी और पिता जी और दादा जी , दादाजी हैं। दादा और दादी जी हम सभी की प्रिय हैं। क्योंकि उनके अंदर जो सबसे अच्छी खूबी हैं। वह हैं परिवर्तन। वह हम सभी को समय समय पर अपने सुझाव प्रदान करते हैं। और हम सभी के साथ घुल मिल कर रहते है।

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मेरे पिता जी एक सरकारी नौकरी पुलिस की करते है। वह मेरी बहन की ही तरह मुझे एक ऑफिसर बना हुआ देखना चाहते है। परन्तु मैं चाहता हु की आगे चलकर मैं डॉक्टर बनुगा। क्योंकि मुझे यही लगता हैं की देश की सेवा हम हर एक क्षेत्र के माध्यम से कर सकते है। और अक्सर मैं यह बात अपने पिता जी से कहता रहता हैं।

हमारा परिवार बहुत ही सुलझा हुवा हैं। आज तक हममें से किसी सदस्य ने आपस मे लड़ाई नही की हैं।किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सब एक दूसरे की बातों को सुनकर अच्छे से समझते है। हमारे परिवार की वर्ष में दो फैमिली ट्रिप होती हैं। पिछले वर्ष ही हम लोग राजस्थान और दिल्ली की सैर किये थे।वह बहुत ही यादगार ट्रिप थी।हमे हर एक सैर में कुछ न कुछ अवश्य ही सीखने को मिलता हैं। और साथ ही साथ हमे एक अच्छा फील भी आता हैं। हम सैर से आकर बहुत ही अच्छा महसूस करते हैं।

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प्रत्येक त्योहार को हमारा परिवार बहुत ही धूमधाम से मनाते है। सभी लोग मिल जुल कर हर तो त्योहार की तैयारियां करते है। हम प्रत्येक त्योहारों में नए नए वस्त्रो की खरीदारी करके उनको पहनते है। और हमारा परिवार प्रत्येक त्योहार में काफी रिश्तेदारों को आमंत्रित करता हैं। और हम सब रिश्तेदारों के साथ मिलकर बड़ी धूमधाम से हम त्योहार को मानते है।

हम सभी की दिनचर्या का हमारे पिता जी बहुत ही ख़याल रखते है। वह सुबह सबसे पहले उठकर हम सभी को जागते है। मैं ,मेरे पिता जी, मेरे दादा जी सुबह की सैर में जाते है। उसके पश्चात हम सभी एक मैदान में योगासन करते है। शायद यही हमे स्वस्थ रखता हैं। जिसकी वजह से बीमारियां हम सभी से हमेशा दूर रहती हैं। मैं अपने परिवार के हर सदस्य से बहुत ही ज्यादा जुड़ा हुआ हूं। और परिवार का हर सदस्य मेरे लिए खास हैं। मुझे गर्व हैं कि मैं अपने परिवार का हिस्सा हु।

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