अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर Diffrence between transverse wave and longitudinal wave in hindi

आज हम बात करने वाले है – अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर (Diffrence between transverse wave and longitudinal wave in hindi ) विज्ञान विषय मे कक्षा 9 और 10 में यह अंतर से हमे कई प्रश्न देखने को मिलते हैं। इस प्रकार से देखा जाए तो यह हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण टॉपिक हैं।

इस आर्टिकल में आज हम आपको अनुप्रस्थ तरंग किसे कहते है ? अनुदैर्ध्य तरंग किसे कहते है? अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर बताइए आदि की जानकारी आपको बहुत ही विस्तृत रूप में प्रदान करेंगे। तो आइए पढ़ते हैं -अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर

अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर (Diffrence between transverse wave and longitudinal wave in hindi )

Diffrence between transverse wave and longitudinal wave in hindi

अनुप्रस्थ तरंग किसे कहते हैं ?

जब किसी माध्यम के कणों के कम्पन करने की दिशा तरंग संचरण की दिशा के लंबवत होती हैं। तो माध्यम में उतपन्न तरंग को अनुप्रस्थ तरंग कहते है।

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जैसे – रस्सी से उतपन्न तरंग , प्रकाश की तरंग आदि।

अनुप्रस्थ तरंग में ऊपर की ओर अधिकतम विस्थापन की स्तिथि को श्रृंग और नीचे की ओर अधिकतम विस्थापन की स्तिथि को गर्त कहते है। एक श्रृंग से दूसरे निकटतम श्रृंग की दूरी अथवा एक गर्त से दूसरे निकटतम गर्त की दूरी को अनुप्रस्थ तरंग की तरंगदैर्ध्य कहते है।

अनुदैर्ध्य तरंग किसे हैं ?

जब किसी माध्यम के कणों में कम्पन्न करने की दिशा तरंग संचरण की दिशा के समानांतर होती हैं । तो माध्यम में उतपन्न तरंग को अनुदैर्ध्य तरंग कहते है।

जैसे – वायु में उतपन्न तरंग , द्रव के भीतर उतपन्न तरंग आदि।

अनुदैर्ध्य तरंग संपीड़न और विरलन की सहायता से माध्यम में चलती हैं। जिन स्थानों पर माध्यम के कण पास पास होते है। वे स्थान संपीड़न कहे जाते है। और जिन स्थानों पर माध्यम के कण दूर दूर होते है। वे स्थान विरलन कहे जाते है। एक समीपडन से दूसरे निकटतम संपीड़न की दूरी अथवा एक विरलन से दूसरे निकटतम विरलन की दूरी को अनुदैर्ध्य तरंग की तरंग दैर्ध्य कहते है।

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अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर (Diffrence between transverse wave and longitudinal wave in hindi )

अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर निम्नलिखित हैं।

अनुप्रस्थ तरंग अनुदैर्ध्य तरंग 
माध्यम के कणों के विस्थापन तरंग के संचरण की दिशा के लम्बवत होता हैं।कणों के विस्थापन तरंग के संचरण की दिशा में ही होता हैं।
यह श्रृंग व गर्त के रुओ में माध्यम में संचरित होते हुए दिखाई पड़ती हैं।इसमे संपीड़न व विरलन एकान्तर रूप से आगे गति करते हुए दृष्टिगत होते है।
ये केवल ठोसों में या द्रवों की सतहों के ऊपर ही प्रवाहित हो सकती हैं।ये ठोस द्रव और गैस सभी से प्रवाहित हो सकती हैं।
अनुप्रस्थ तरंगों में विस्थापन समय वक्र तरंग का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करता हैं।अनुदैर्ध्य तरंगों में विस्थापन समय वक्र , केवल किसी निश्चित समय मे विभिन्न बिंदुओं पर माध्यम के कणों की स्थिति को निरुपिता करता हैं।

फाइनल वर्ड –

आशा हैं कि हमारे द्वारा दी गयी अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर की जानकारी आपको काफी ज्यादा पसन्द आयी होगी। यदि Diffrence between transverse wave and longitudinal wave in hindi की जानकारी आपको पसन्द आयी हो।

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