सजीव और निर्जीव वस्तुओं में अंतर |difference between living and non living things in hindi

सजीव और निर्जीव वस्तुओं में अंतर (difference between living and non living things in hindi) : सजीव व निर्जीव वस्तुओं का टॉपिक काफी महत्वपूर्ण हैं। इस टॉपिक से छोटी सी बड़ी क्लास तक प्रश्न बनते है। इसलिये hindivaani आपके सजीव व निर्जीव वस्तुओं में अंतर(Diffrence between living and nonliving things) लेकर आया है।

सजीव और निर्जीव वस्तुओं में अंतर (difference between living and non living things in hindi)

difference between living and non living things in hindi

सजीव वस्तु (Living thing)

ऐसी वस्तु है जिनमें श्वसन क्रिया और वृद्धि होती है।वह सजीव वस्तुएं कहलाती हैं।

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सजीव वस्तुओं के लक्षण (Characteristics of living things)

सजीव व निर्जीव वस्तुओं में ऐसे गुण होते हैं। जिनमें स्पष्ट अंतर दिखाई देते है। इन्ही विविधता पूर्ण गुणों के आधार पर सजीव व निर्जीव को अलग किया जा सकता है।

सजीवों में पाए जाने वाले लक्षण

सजीव में निम्नलिखित लक्षण पाए जाते हैं।

गति

सजीव अपनी आवश्यकतानुसार गति अथवा प्रचलन कर सकते हैं।वनस्पतियों में भी गति होती है।

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नियंत्रण एवं समन्वय

जीवित शरीर के नियंत्रण एवं विभिन्न अंगों में समन्वय स्थापित करने के लिए नाड़ी तंत्र तथा अतःस्रावी तंत्र पाया जाता है।

प्रजनन

अपनी जाति को बनाए रखने के लिए सजीवो में प्रजनन होता है।प्रजनन के द्वारा वंश बढ़ाते हैं।

वृद्धि और विकास

सजीवों में कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है।जिससे शरीर में वृद्धि होती है।भ्रूणावस्था की वृद्धि विकास कहलाती है।भोजन प्राप्ति से प्राणी का शरीर निरंतर बढ़ता है।

कार्यिकी विकास

जीवित शरीर में कार्यिकी क्रियाये जैसे – पाचन, श्वसन, उत्सर्जन आजीवन चलती रहती हैं।निर्जीव वस्तुयों में पाचन श्वसन क्रिया नही होती है।

जीवन मृत्यु –

सजीवों में यह क्रम चलता रहता है। निर्जीव में यह गुण नही पाया जाता है।

संवेदनशीलता

सजीव पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होते हैं।

सजीव वस्तुओं के नाम – गाय, कुत्ता , बिल्ली , इंसान ,गिलहरी।

निर्जीव वस्तुओं के लक्षण( characteristics of non living things)

(1) निर्जीव वस्तु अपने आप से गति नही कर सकती है। जब तक उस वस्तु पर कोई बाह्य बल नही लगाया जाता है।

(2) निर्जीव वस्तुयों में श्वसन क्रिया नही होती है। साथ ही साथ इनमे पोषण की भी आवश्यकता नही होती है।

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(3) निर्जीव वस्तुओं में वृद्धि नही होती है।

निर्जीव वस्तुओं के नाम – मेज, कुर्सी , किताब, गाड़ी, साईकल।

नोट– सजीव और निर्जीव वस्तुओं की बीच की कड़ी क्या है -वायरस

सजीव और निर्जीव वस्तुओं में अंतर (difference between living and non living things)

सजीव और निर्जीव वस्तुओं में अंतर इस प्रकार है।

श्वसन (Resprition)

समस्त जीवधारी कार्य करने के लिए ऊर्जा श्वसन द्वारा प्राप्त करते हैं।और निर्जीव वस्तुओं में यह क्रिया नहीं होती है।

पोषण (Nutrition)

जीवो में पोषण होता है।जो ठोस और द्रव के रूप में होता है। फलस्वरूप सजीवों में इसीलिए वृद्धि होती है।निर्जीवों में यह गुण नहीं पाया जाता है।

प्रजनन (reproduction)

सभी जीवधारी प्रजनन करके अपने वंश को आगे बढ़ाते हैं लेकिन अजीवित वस्तुओं में यह नहीं पाया जाता है।

उत्सर्जन(excretion)

पौधे तथा जंतु वर्जित पदार्थों को शरीर से बाहर निकाल देते हैं। जैसे कि -मल मूत्र आदि अजीवित वस्तुएं उत्सर्जन नहीं करती हैं।

अनुकूलन(Adaptation)

प्रत्येक जीव स्वयं को अपने वातावरण के अनुकूल बना लेता है।इसी के अनुसार जीवधारी के शरीर की रचना होती है।जैसे कि मरुस्थलीय पौधों में छोटी पत्ती और कांटे होते हैं। इनके होने से पानी भाप बनकर कम मात्रा में उड़ता है।

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जीवन चक्र (life cycle)-

प्रत्येक जीव जो संसार में जन्म लेता है वह वृद्धि को प्राप्त करता है। फलता- फूलता है।और एक अवधि के पश्चात उसकी मृत्यु हो जाती है।तथा मृत्यु से पुनर्जन्म होता है।इसी प्रकार जीवन चक्र चलता रहता है

वृद्धि(Growth) –

प्रत्येक जीवधारी भोजन के फलस्वरूप कोशिकाओं ऊतकों का निर्माण करते हैं। फलस्वरूप उनमे में वृद्धि होती है। जबकि निर्जीव वृद्धि नहीं करते हैं।

सजीव और निर्जीव वस्तुओं में अंतर ( Difference between living and non living things in hindi ) 

सजीवों के शरीर का निर्माण कोशिकाओं से होता है कोशिकाएं सजीवों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई होती हैनिर्जीवो की बनावट आकोशिकीय होती है।
कोशिकाओं में सजीव पदार्थ जीव द्रव्य पाया जाता हैनिर्जीवो में जीवद्रव्य का अभाव होता है
सजीवों की आकृति एवम आकार निश्चित होते हैंनिर्जीवो की आकृति एवम आकार निश्चित नहीं होते।
सजीवों में उपापचय तथा अपचय क्रियाएं होते हैं। इन्हें सामूहिक रूप से उपापचय कहते हैं।निर्जीवो में उपापचय क्रियाएं नही होती है।
बाह्य और अंतः वातावरण में होने वाले परिवर्तनों को ग्रहण करने तथा प्रतिक्रिया करने की क्षमता होती है।इनमे उत्तेजनशीलता का गुण नही होता है।

Final word :-

आशा हैं कि हमारे द्वारा जो सजीव और निर्जीव वस्तुओं में अंतर की जानकारी आपको शेयर की गई होगी। वह आपको बहुत ही ज्यादा पसन्द आयी होगी। यदि आपको यह जानकारी difference between living and non living things in hindi की पसन्द आयी हो।तो इसे अपने दोस्तों से जरूर शेयर करे।धन्यवाद

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