वृद्धि और विकास में अंतर,Difference between growth and development in Hindi

वृद्धि और विकास में अंतर(difference between growth and development in Hindi :: एक प्रकार से से देखा जाए तो वृद्धि और विकास एक दूसरे के पर्यायवाची शब्द है। क्यों वृद्धि और विकास एक दूसरे से सम्बंधित है। मनुष्य के विकास को दोनों को अलग अलग व्यक्त करना कठिन है। किंतु कुछ मनोवैज्ञानिक ने इसकी अलग अलग परिभाषाये दी हैं। जिसको हम आगे पढेंगे। इस आर्टिकल में हम वृद्धि और विकास में अंतर के साथ साथ वृद्धि की परिभाषा , विकास की परिभाषा आदि की जानकारी प्रदान करेंगे। तो आइए शुरू करते है।

वृद्धि का अर्थ( Meaning of growth)

कोशिकाओं की गुणात्मक परिवर्तन ही वृद्धि कहलाता हैं। जैसे – उचाई, भार, चौड़ाई आदि का बढ़ना।

सामान्यता व्यक्ति के स्वाभाविक विकास को वृद्धि कहते हैं ।गर्भधारण के समय भ्रूण बनने से लेकर जन्म लेने तक जो प्रगतिशील परिवर्तन होते है। तथा प्रौढ़ावस्था तक व्यक्ति में जो भी स्वाभाविक परिवर्तन होते हैं।जिन पर शिक्षण अथवा प्रशिक्षण का प्रभाव नहीं पड़ता है।उन्हें हम वृद्धि के नाम से जानते हैं।

READ MORE ::  ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना (Operation black board)

विकास का अर्थ ( Meaning of development)

सम्पूर्ण आकृति या रूप में परिवर्तन ही विकास कहलाता है। वास्तव में विकास संपूर्ण अभिवृद्धिओं का संगठन है।इसके कारण बालक की कार्यक्षमता और कुशलता में प्रगति होती है।उदाहरण के रूप में जैसे पैरों की वृद्धि, धड़ की वृद्धि अभिवृद्धि है। किंतु इनका सम्मिलित रूप शारीरिक विकास कहलाता है।

शिक्षा बालक के लिए है ना कि बालक शिक्षा के लिए।शिक्षा के उद्देश्य निर्धारित करते समय पहले बालक की ओर ध्यान जाता है।अर्थात शिक्षा का केंद्र बिंदु बालक है। बालक का विकास कैसे होता है। बालक ने किस प्रकार परिवर्तन आते हैं इसका उत्तर प्राप्त करने के लिए विकास का अर्थ ज्ञात करना आवश्यक है ।


फ्रैंक के अनुसार वृद्धि के परिभाषा


“शरीर व व्यवहार में से पहले जिसमे जो परिवर्तन होते है, उसे अभिवृद्धि कहते है”

मुनरो के अनुसार विकास की परिभाषा

” परिवर्तन , वह अवस्था के अंतर्गत आता है, जिसमे बालक ब भ्रूणावस्था से लेकर प्रौढावस्था तक गुजरता है, विकास कहा जाता है।

यदि आप अपने जीवन मे सफल होना चाहते है। तो ये प्रेणादायक किताब जरूर पढ़ें – top 21 motivational book in hindi

वृद्धि और विकास में अंतर,Difference between growth and development in Hindi

Difference between growth and development in Hindi

वृद्धि और विकास में अंतर(Difference between growth and development)

वृद्धि(growth)विकास(development)
वृद्धि शब्द परिणात्मक परिवर्तनों ( Quantitative changes) के लिए प्रयोग में लाये जाते है।जैसे जब बालक की उम्र बढ़ती है तो उसके साथ
उसकी लंबाई चौड़ाई भी बढ़ती है जिसे हम वृद्धि कहते है।
विकास शब्द का प्रयोग
गुणात्मक परिवर्तन के लिए
प्रयोग में लाया जाता है, जैसे बालक में
कार्यकुशलता,
कार्यक्षमता आदि की वृद्धि होती है तो विकास शब्द का प्रयोग किया जाता है।
वृद्धि विकास का एक छोटा रूप है, विकास की सतत प्रक्रिया में यह एक छोटा सा चरण है।विकास शब्द एक विस्तृत शब्द है। वृद्धि विकास का ही भाग है।
वृद्धि की प्रक्रिया जीवनपर्यंत नही चलती है। बालक के पूर्ण
परिपक्व होने की स्थिति में यह
प्रक्रिया समाप्त हो जाती है।
विकास जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है, वृद्धि की तरह बालक के
परिपक्व होने पर यह
समाप्त नही होती है।
वृद्धि में होने वाले जो परिवर्तन है उसे सामान्य रूप से जीवन मे देखा जा सकता है ।विकास को सामान्यतः देखा नही जा सकता है। क्योंकि व्यक्ति के जीवन मे यह अप्रत्यक्ष रूप में होते है।
वृद्धि को हम माप भी सकते है।विकास को सामान्यतः मापन कठिन है।

इसे भी पढ़े

READ MORE ::  थार्नडाइक के अधिगम के नियम ( Thorndike laws of learning in hindi )

फाइनल वर्ड –

आशा हैं कि हमारे द्वारा वृद्धि और विकास में अंतर की जानकारी आपको प्रदान की गई होगी। वह आपको बहुत ही ज्यादा पसन्द आयी होगी। यदि आपको ,Difference between growth and development in Hindi की जनाकारी अपने दोस्तों से जरूर शेयर करे। साथ ही साथ हमे कॉमेंट बॉक्स में लिख कर इसके बारे में जानकारी जरूर दें धन्यवाद

2 thoughts on “वृद्धि और विकास में अंतर,Difference between growth and development in Hindi”

    • हम धीरे धीरे आपको चाइल्ड डेवलोपमेन्ट से सम्बंधित नोट्स आपको उपलब्ध करा देंगे । आप निश्चिन्त रहे।

      Reply

Leave a Comment