बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर निबन्ध,Beti bachao aur beti padhao essay in hindi

बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर निबन्ध,Beti bachao aur beti padhao essay in hindi :: आजकल के घटते हुए लिंगानुपात को देखते हुए बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना को चालू किया गया था। इसीलिए hindivaani आज आपके लिए बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर निबन्ध,Beti bachao aur beti padhao essay in hindi लेकर आया हैं। जिसके अंतर्गत आपको बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निबन्ध प्रस्तावना सहित , बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के उद्देश्य आदि के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी।

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Beti bachao aur beti padhao essay in hindi
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  • रूपरेखा :: प्रस्तावना
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत कब हुई?
  • स्त्रियों को महत्व ना देने के कारण
  • बेटी बचाने या कन्या भ्रूण हत्या के उपाय
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के द्वारा की जाने वाली पहल
  • उपसंहार

प्रस्तावना

आजकल के वर्तमान समय कन्या भ्रूण हत्या बहुत ही ज्यादा बढ़ रही हैं। जिसके कारण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत की गई हैं। कन्या भ्रूण हत्या एक प्रकार से लड़कों को प्राथमिकता देना हैं। और समाज में विभिन्न प्रकार के कुरीतियों और निम्न सामाजिक मूल्य के कारण कन्याओं की जानबूझकर की जाने वाली हत्या हैं।यह प्राचीन समय से ही चलता आ रहा हैं। पहले बच्चियों के जन्महोने पर उन्हें मार दिया जाता था। परन्तु आजकल की बढ़ती तकनीकी को देखकर लोग विभिन्न प्रकार के परीक्षण के माध्यम से कोख में ही बच्ची में मार डालते है।

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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत कब हुई?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना केंद्र सरकार की एक प्रकार से बहुत महत्वाकांक्षी योजना है।बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का प्रारंभ 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा किया गया था।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या के कारण देश में तेजी से घटता हुआ लिंगानुपात था।जिसके कारण अनेक प्रकार की सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही थी।इन सारी समस्याओं के प्रति समाज को जागरूक करने हेतु बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का आरंभ किया गया था।

स्त्रियों को महत्व ना देने के कारण

भारत में स्त्रियों को महत्व न देने के कई कारण है ।आजकल की मानसिकता यदि किसी का पुत्र होगा तो वह घर की पुश्तैनी सम्पत्ति और व्यवसाय को अच्छे से संभाल का माता पिता के बुढ़ापे का सहारा बनेगा। स्त्रियों को इस कार्य मे समाज कम आकता हैं। दूसरा मुख्य कारण यह हैं। कि पुत्रियां एक प्रकार से समाज मे बोझ मानी गयी हैं। जिनकी शादी करने पर बहुत अधिक दहेज देना पड़ेगा। जिससे घर की लक्ष्मी बाहर जाएगी। और पुत्र की प्राप्ति होने पर घर पर वह पुत्रवधु को लाएगा। जिससे दहेज के माध्यम से घर पर लक्ष्मी की प्राप्ति होगी।

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कन्यायों को कम आंकने के मामले में हमारे धार्मिक अवसर भी कम नही है। जहां पर कुछ कार्यक्रम ऐसे होते है। जहां सिर्फ पुत्र ही प्रतिभाग कर सकता हैं। जैसे अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्म आदि ।

बेटी बचाने या कन्या भ्रूण हत्या के उपाय

  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को यह निर्देश दिए गए हैं। कि अधिनियम को मजबूती से कार्यान्वित किया जाए। और गैरकानूनी रूप से लिंग पता करने के तरीकों में रोक लगाई जाए।
  • पीएनडीटी कानून के अंतर्गत केंद्रीय निगरानी बोर्ड का गठन किया गया और इसकी नियमित बैठकर कराई जा रही है।
  • इस विषय को सभी लोग अधिक गंभीरता से लें।इसके लिए शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना इसे अति आवश्यक है ।आने वाली पूरी पीढ़ी तभी इस विषय के प्रति संवेदनशील हो पाएगी जब बचपन से उसे यह शिक्षा दी जाए।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के द्वारा की जाने वाली पहल –

इसके लिए भारत सरकार के द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भावस्था के पंजीकरण को प्रोत्साहित किया जाता है।साथ ही साथ भागीदारों को प्रशिक्षित किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा अस्पतालों में प्रसव को बढ़ोतरी देना ,जन्म पंजीकरण पीएनडीटी सेल को मजबूत करना ,निगरानी समितियों का गठन करना आदि पहल की जाती हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम का सख्ती से पालन करवाना, लड़कियों के लिए शौचालय का निर्माण कराना, ड्रॉपआउट दर में कमी लाना आदि पहल की जाती है।

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उपसंहार

बेटी को बचाने एवम उसे पढ़ा लिखा कर योग्य बनाने के लिए जब तक हम संवेदनशील नहीं होंगे।तब तक हम पीढ़ी दर पीढ़ी एक भयानक संकट को निमंत्रण देंगे। बेटियाँ देश का भविष्य है।और इतिहास साक्षी है कि जहां पर स्त्रियों को समान अवसर मिलते हैं।उन्होंने अपनी उपलब्धियों के कीर्तिमान स्थापित की हैं।

आशा हैं कि हमारे द्वारा दी गयी बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर निबन्ध,Beti bachao aur beti padhao essay in hindi की जानकारी आपको पसन्द आयी होगी। यदि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर निबन्ध,Beti bachao aur beti padhao essay in hindi की जानकारी आपको पसन्द आयी हो तो इसे अपने दोस्तों से जरूर शेयर करे।

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