मापन और मूल्यांकन में अंतर 【Diffrence between Mesurmemt and Evalution】

मापन और मूल्यांकन में अंतर 【Diffrence between Mesurmemt and Evalution】◆ मापन और मूल्यांकन के बीच अंतर जानने से पहले हमें अलग अलग यह जानना आवश्यक है। की मापन और मूल्यांकन होते क्या है। नीचे विभिन्न शिक्षण शास्त्रियों के अनुसार मापन और मूल्यांकन की परिभाषा दी गयी है। Hindivaani यह टॉपिक विस्तृत रूप से चर्चा करेगा।

मापन और मूल्यांकन के बीच अंतर 【Diffrence between Mesurmemt and Evalution】

मापन और मूल्यांकन में अंतर
मापन और मूल्यांकन में अंतर

मूल्यांकन की परिभाषाए

रैमस एवं गेज के अनुसार

“मूल्यांकन में व्यक्ति या समाज या दोनों की दृष्टि से जो अच्छा है अथवा वांछनीय है ।उसको मानकर चला जाता है।”

टारगेटसन एवं ऐडम्स के अनुसार मूल्यांकन की परिभाषा

” मूल्यांकन का अर्थ है -किसी वस्तु या प्रक्रिया का मूल्य निश्चित करना। इस प्रकार शैक्षिक मूल्यांकन से तात्पर्य हैं- शिक्षण प्रक्रिया तथा सीखने की क्रियाओं से उत्पन्न अनुभवों की उपयोगिता के बारे में निर्णय देना।”

कोठारी कमीशन के अनुसार मूल्यांकन की परिभाषा

” मूल्यांकन एक क्रमिक प्रक्रिया है,जो कि संपूर्ण शिक्षा प्रणाली का एक अंग है।जो शिक्षा के उद्देश्यों से घनिष्ठ रूप से संबंधित है।

मापन की परिभाषाएं

कारलिंगर के अनुसार मापन की परिभाषा

” मापन नियमानुसार वस्तुओं या घटनाओं को संख्या प्रदान करना है”

क्लासमेर एवं गुडविन के अनुसार मूल्यांकन की परिभाषा

” शैक्षिक मापन विद्यार्थी अधिगम, शिक्षण ,प्रभावशीलता या किसी अन्य शैक्षिक पक्ष की मात्रा विस्तार और कोटी के निर्धारण से संबंधित है”

मापन और मूल्यांकन में अंतर 【Diffrence between Mesurmemt and Evalution】

मापन(measurement)मूल्यांकन(Evalution)
घटना या परिणाम के लिए प्रतीक निर्धारण घटना या तथ्य का मूल्य निर्धारण
उत्तर के आधार पर अंक प्रदान करनास्थिति का निर्धारण करना जैसे श्रेष्ठ प्रथम द्वितीय
किसी एक गुण या
चर का मापन
मूल्यांकन का क्षेत्र व्यापक होता है
मापन में निश्चित
धारणा नहीं
बनाई जा सकते हैं।
मूल्यांकन में कई परीक्षणों के
आधार पर बालक के विषय में धारणा बनाए जा सकते हैं।
समय, धन, श्रम कम लगता है मूल्यांकन में समय श्रम तथा धन अधिक तकता है
मापन में सार्थक भविष्यवाणी
संभव नहीं है
मूल्यांकन में सार्थक भविष्यवाणी संभव है
मापन का ज्ञान
अपूर्ण है
मूल्यांकन का ज्ञान पूर्ण है
मापन मूल्यांकन से पहले होता हैमूल्यांकन मापन के बाद होता है
मापन के लिए
उद्देशय जानना
आवश्यक नहीं।
मूल्यांकन उद्देशय आधारित होता है।
मापन एक सामान्य शब्द हैं।मूल्यांकन एक तकनीकी शब्द हैं।
मापन किसे छात्र के संबंध में स्पष्ट धारणा व्यक्त नहीं करता हैमूल्यांकन होने के पश्चात किसी भी छात्र के प्रति हम धारणा अवश्य बना सकते है।
मापन को हम किसी भी वक्त कर सकते है।मूल्यांकन मापन के बाद ही सम्भव हैं।

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