भाषा विकास , language development in hindi

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भाषा विकास या अभिव्यक्ति क्षमता का विकास(Language development or development of menifestation ability )

बालक का भाषा विकास सबसे पहले परिवार के द्वारा होता हैं। उसके बाद वह विद्यालय और समाज के सम्पर्क में आकर भाषा विकास को और अच्छा करता हैं।

कार्ल सी.गैरिसन के अनुसार ,” स्कूल जाने से पहले बालकों में भाषा ज्ञान का विकास उनके बौद्धिक विकास की सबसे अच्छी कसौटी है। भाषा का विकास भी विकास के अन्य पहलुओं के लाक्षणिक सिद्धांतों के अनुसार होता है।यह विकास परिपक्वता तथा अधिगम दोनों के फलस्वरूप होता है। इसमें नई अनुक्रियाये सीखनी होती हैं।और पहले की सीखी हुई अनुक्रियाओं का परिष्कार भी करना होता है।”

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शैशवावस्था में भाषा विकास( Language development in infancy )

जब बालक जन्म लेता है उस समय सिर्फ वह रोता है।उसे किसी प्रकार की भाषा का ज्ञान नहीं होता है।ना उसे स्वरों ज्ञान होता है।और ना उसे व्यंजनों का ज्ञान होता है। 10 माह की अवस्था में शिशु पहला शब्द बोलता है।जिसे बार-बार दोहराता है।1 वर्ष तक बालक की भाषा समझना कठिन होता है।स्मिथ ने शैशवास्था में भाषा के विकास के क्रम का परिणाम निम्नलिखित प्रकार से प्रस्तुत किया है।

आयुशब्द
जन्म से 8 मास
10 मास से 1वर्ष1 से 3
1 वर्ष से 1 वर्ष 6 माह19 से 23
1 वर्ष 9 मास से 2 वर्ष118 से 213
4 वर्ष1550
5 वर्ष2075
6 वर्ष2562

बाल्यावस्था में भाषा विकास ( language development in childhood)

आयु बढ़ने पर बालको में सीखने की गति में तेजी आती हैं।सिशोर ने भाषा विकास से सम्बंधित निम्नलिखित तालिका प्रस्तुत की हैं।

आयु(वर्ष से)शब्द
45600
59600
614,700
721,200
826,309
1034,300

किशोरावस्था में भाषा विकास (Language development in adolensence)

किशोरावस्था में किशोर का शब्दकोश अधिक होता है इसाई में उच्चारण के प्रति भी सचेत होते हैं व्याकरण दोष कम होता है वह प्रवाह अधिक होता है कल्पना शक्ति व चिंतन शब्द का प्रभाव भाषा विकास पर पड़ता है भावुकता का मिश्रण होने से भाव सौंदर्य प्रतीत होता है।

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भाषा विकास के चरण

भाषा विकास के चरण निम्नलिखित है।

(अ) पूर्व भाषा विकास

  1. रुदन
  2. विस्फोटक ध्वनियां जो बलबलाना में बदली है।
  3. हाव भाव
  4. सांवेगिक अभिव्यक्ति

(ब) उत्तर भाषा विकास

  1. दूसरों की भाषा को समझना ।
  2. शब्दों का वाक्यों में संगठन ।
  3. भाषा विकास का स्वामित्व ।
  4. शब्दावली का निर्माण करना ।
  5. उच्चारण।

भाषा विकास के प्रभावी कारक या भाषा विकास को प्रभावित करने वाले कारक

भाषा विकास को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं।

स्वास्थ्य – यदि बालक शुरुआत के वर्षों में बीमार रहता है।तो उसका भाषा विकास अच्छे से नहीं होता है।

यौन भिन्नता – लड़कियों में लड़को की अपेक्षा भाषा विकास अच्छा होता हैं। वह लंबे वाक्य बिना गलती किये बोल लेती हैं।

परिवार का आकार – एक बच्चा होने पर माता-पिता का उसके प्रति अधिक ध्यान होता है।परंतु यदि एक से अधिक बालक हैं। तो बच्चों पर ध्यान ना देने के कारण विकास मंदित होता है।

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माता पिता द्वारा प्रेरणा – जिन बालकों को माता-पिता के द्वारा शब्दों को बोलने लिखने व पढ़ने के लिए अधिक प्रेरणा मिलती है।उनमें भाषा विकास तेजी से होता है।

भाषा विकास में बाधाएं

भाषा विकास में बाधाएं निम्नलिखित हैं।

  1. अत्यधिक रोना
  2. समझने में कठिनाई
  3. विलंबी वाक
  4. वाक विकार

5.वाक विकार तीन प्रकार का होता है।

  1. तुतलाना
  2. हकलाना
  3. अस्पष्ट उच्चारण

भाषा सीखने के साधन

भाषा सीखने के साधन निम्नलिखित है।

  1. अनुकरण
  2. कहानी सुनाना
  3. खेल
  4. वार्तालाप हुआ व बातचीत
  5. प्रश्न उत्तर

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