ग्रीन हॉउस प्रभाव क्या है? या हरितगृह प्रभाव क्या है?

ग्रीन हॉउस प्रभाव क्या है ? :: वायुमण्डल के बढ़ते हुए तापमान में अहम योगदान ग्रीन हाउस प्रभाव का हैं। आज Hindivaani आपसे इसी महत्वपूर्ण टॉपिक पर चर्चा करेगी। क्योंकि यह हम सभी के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता हैं म इस आर्टिकल में हम हरित गृह प्रभाव क्या है ? हरित गृह प्रभाव की परिभाषा ,हरित गृह प्रभाव की गैसे , हरित गृह प्रभाव के प्रमुख स्रोत , हरित गृह प्रबहव के बचाव के उपाय आदि की जानकारी प्राप्त करेंगे। तो आइए शुरू करते है।

ग्रीन हॉउस प्रभाव क्या है? या हरितगृह प्रभाव क्या है?

ग्रीन हॉउस प्रभाव क्या है? या हरितगृह प्रभाव क्या है?
ग्रीन हॉउस प्रभाव क्या है? या हरितगृह प्रभाव क्या है?

हरितगृह का प्रयोग उन देशों में किया जाता है।जहां पर शरदकाल में ताप के अभाव में फलों एवं सब्जियों के पौधों की उपयुक्त वृद्धि तथा बीजों का अंकुरण नहीं होता। ग्रीनहाउस कांच के बनाए जाते हैं इनके प्रयुक्त कांच का यह गुण होता है। कि उसमें जो सूर्य का प्रकाश अंदर प्रवेश करता है। वह शीशे की बनाई गई दीवार से बाहर की ओर विकरित होने वाली दीर्घ तरंग से बाहर नहीं निकल पाता है। फल स्वरुप हरितगृह में ऊष्मा का संचयन होने लगता है। तथा तापमान में वृद्धि हो जाती है।जिससे बीजों के अंकुरण और पौधे की वृद्धि के लिए अनुकूल तापमान मिल जाता है। इस संपूर्ण प्रक्रिया को हरित ग्रह प्रभाव या ग्रीन हाउस प्रभाव के नाम से जानते हैं।

हरित गृह प्रभाव की परिभाषा –

ग्रीन हॉउस प्रभाव की परिभाषा निम्नलिखित हैं।

” वायुमंडल में मानव जनित कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य गैसों का आवरण प्रभाव के कारण भूतल के तापमान में निरंतर वृद्धि को हरित ग्रह प्रभाव कहते हैं।”

ग्रीन हॉउस प्रभाव की गैसे –

ग्रीन हॉउस प्रभाव की गैसे निम्नलिखित हैं।

  1. कार्बन डाइऑक्साइड ।
  2. क्लोरोफ्लोरोकार्बन ।
  3. मीथेन ।
  4. ओजोन ।
  5. नाइट्रोजन ऑक्साइड।

नोट – अल्प मात्रा में नाइट्रोजन ,सल्फर ,फ्लूरिन ,ब्रोमीन, आयोडीन के गैस रूपी हरित गृह गैसों के अंतर्गत आते हैं।

हरित गृह गैसों के स्रोत –

  1. जीवाश्म ईंधन से चलने वाले उपकरण, परिवहन के साधन एवं कृषि यंत्रों से भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड निकलकर वायुमंडल में पहुंचते रहती है।
  2. ताप विद्युत ग्रहों में विद्युत उत्पादन के लिए कोयला एवं खनिज तेल जलाने में अपार कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है।
  3. ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भोजन बनाने के लिए लकड़ी कोयला एवं प्राकृतिक गैस का का प्रयोग करने से पर्याप्त मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निष्कासन होता है।कार्बन डाइऑक्साइड के अतिरिक्त आने आने का हरित गृह गैसों का उत्पादन वातानुकूल , प्रशीतक ,अग्निशामक आदि से होता है।
  4. खनिज तेल शोधन शाला में प्राप्ति गैसों के चलने से भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में मिलती रहती है।

हरीत गृह प्रभाव से बचाव के उपाय –

हरित गृह प्रभाव से बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं।

  1. तीव्र औद्योगिक विकास के लिए जीवाश्म ईंधनो के उपभोग में कमी करना आवश्यक है।
  2. जीवाश्म ईंधन के स्थान पर हम अन्य विकल्प हम खोज सकते हैं।जैसे – हम मिथेनॉल का प्रयोग इसके स्थान पर कर सकते हैं।
  3. स्वचालित वाहनों ने हेतु हमें नई तकनीक से उत्पादित होने वाले इन दिनों का प्रयोग करना चाहिए।ताकि न्यूनतम पेट्रोल में हमें अधिक से अधिक उर्जा प्राप्त हो सके। जिससे कि हरित ग्रह प्रभाव वाली गैसों का उत्सर्जन कम हो सके।
  4. पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं। अतः विस्तृत रूप से हमें वृक्षारोपण करना अति आवश्यक है और इसके लिए हमें विशेष प्रकार के कार्यक्रमों को भी संचालित करना चाहिए।
  5. कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को कम करने के लिए वन विनाश पर प्रभावी नियंत्रण लगना चाहिए ।और वनों को काटने से बचाना चाहिए।

आशा हैं कि हमारे द्वारा दी गयी ग्रीन हॉउस प्रभाव क्या है? या हरितगृह प्रभाव क्या है? की जानकरी आपको पसन्द आयी होगी। यदि ग्रीन हॉउस प्रभाव क्या है? या हरितगृह प्रभाव क्या है? आपको पसन्द आयी हो तो इसे अपने दोस्तों से जरूर शेयर करे।

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